Share Market Me Invest Karne Ke TarikeShare Market Me Invest Karne Ke Tarike

सेंसेक्स क्या है? सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (bse) का सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय इंडेक्स (index) है। सेंसेक्स में BSE में लिस्टेड मार्केटकैप के लिहाज से 30 सबसे बड़ी कंपनियों के शेयरों का वेटेज प्राइस (share weightage price) दिखाया जाता है। ये 30 कंपनियां अलग-अलग सेक्टर की हैं, और अपने सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं। सेंसेक्स की चाल को देखकर बाजार की चाल का अंदाजा लगाया जा सकता है। क्योंकि देश की 30 बड़ी कंपनियों के तर्ज पर ही आमतौर पर पूरा बाजार चलता है। हालांकि कुछ कंपनियां अलग चाल भी दिखा सकती हैं। लेकिन सेंसेक्स की चाल से पूरे बाजार के मूड का पता चल जाता है।

Nifty kya hai

निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज(NSE) का एक महत्वपूर्ण इंडेक्स है, जिसकी शुरुआत साल 1994 में हुई थी। निफ्टी में मार्केट कैप और आर्थिक रूप से मजबूत देश की 50 सबसे बड़ी कंपनियां जो 12 अलग-अलग सेक्टर की हैं, उनके वेटेज प्राइस निफ्टी में दिखते हैं। इसलिए निफ्टी को निफ्टी-50 कहते हैं। निफ्टी की कंपनियों में सबसे ज्यादा ट्रेडिंग होती है। साथ ही निफ्टी इंडेक्स में भी वायदा बाजार में सबसे ज्यादा ट्रेडिंग होती है।

Nifty bank kya hai

निफ्टी बैंक बैंकिंग शेयरों का इंडेक्स (bank nifty) है, जिसमें देश की 12 सरकारी और प्राइवेट बैंकों के शेयरों का वेटेज प्राइस दिखता है। निफ्टी बैंक की चाल देखकर आप पता लगा सकते हैं कि बैंकिंग सेक्टर में किस तरह का एक्शन है। इस तरह से एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म पर आपको कई सेक्टर के अलग-अलग इंडेक्स मिल जाएंगे जो उस खास सेक्टर की चाल का अंदाजा आपको देते हैं। जिसे हम सेक्टोरल इंडेक्स भी कहते हैं।

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वॉल्यूम और कारोबार (trade and volume) में अव्वल होने के साथ इन कंपनियों के शेयरों को रोजाना खरीदा और बेचा जाना जरूरी है। बेंचमार्क इंडेक्स में शामिल होने के लिए कंपनी का फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन वेटेज (free float market capitalization  weightage) अच्छा होना चाहिए। साथ ही सक्रिय रूप से कंपनी 1 साल से शेयर बाजार में हो।

Market capitalization kya hai

मार्केट कैपिटलाइजेशन किसी कंपनी के शेयरों की कीमत (share price) के आधार पर तय होती है। किसी कंपनी के शेयर की कीमत जितनी अधिक होती है वो उतनी ही बड़ी कंपनी होती है। किसी कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन निकालने के लिए उस कंपनी द्वारा बाजार में जारी किए शेयरों की कुल संख्या से कंपनी के शेयर की मौजूदा कीमत से गुणा करना पड़ता है।

मार्केट कैपिटलाइजेशन = बाजार में जारी शेयरों की कुल संख्या  * शेयर का मौजूदा भाव

free float market capitalization kya hai

किसी कंपनी के कुल शेयरों का बाजार में खरीद-बिक्री के लिए मौजूद हिस्सा फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन कहलाता है। इसे ओपन मार्केट शेयर भी कहते हैं। इन शेयरों को बाजार में खरीदा-बेचा जा सकता है। किसी भी कंपनी में कई सारे निवेशक होते हैं जो कंपनी के शेयरधारक (share holder) होते हैं, जैसे कंपनी को शुरू करने वाले प्रोमोटर और बड़े निवेशक जिनका पैसा कंपनी में शुरुआत से लगा है। प्रोमोटर के शेयर खुले बाजार में ट्रेडिंग के लिए मौजूद नहीं होते हैं। किसी भी कंपनी के फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटल का पता लगाने के लिए उस कंपनी के मार्केट कैपिटल के साथ, फ्री-फ्लोट फैक्टर को गुणा कर देते हैं।

फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन = कंपनी का मार्केट कैपिटल * फ्री-फ्लोट फैक्टर

फ्री-फ्लोट फैक्टर को समझें- free float factor 

मान लीजये की किसी कंपनी के शेयरों की कुल संख्या 500 है जिसमे से 300 शेयर खुले बाजार में है और 200 शेयर कंपनी के प्रोमोटर्स के पास है, तो इस तरह से उस कंपनी का फ्री-फ्लोट फैक्टर 0.60 होगा, यानी 60%

 

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