निवेश में कुल कितना रिटर्न मिलेगा, जोखिम से जुड़ा प्रदर्शन निवेशकों के लिए इससे ज्यादा महत्त्वपूर्ण होता है।  

 

BY HITESH KUSHWAHA 

02/01/2022, 18.24

 

Mutual Fund की सफलता आंकने का पैमाना

निवेशक (investors) और फंड मैनेजर (fund manager) दोनों म्यूचुअल फंड (mutual fund) के प्रदर्शन (performance) पर करीबी निगाह रखते हैं। निवेशक निवेश से जुड़े फैसले करने की खातिर सूचना और जानकारी के इंतजार में रहते हैं। जबकि फंड मैनेजर का मेहनताना आमतौर पर इसी से जुड़ा होता है। फंड से मिलनेवाला रिटर्न अकेला सारी कहानी कहने में नाकाम रहता है; लेकिन वैकल्पिक निवेशकों के बीच तुलना ज्यादा अर्थपूर्ण होती है। इसलिए बेंचमार्क का चुनाव खासी अहमियत रखता है। निवेश में कुल कितना रिटर्न (return) मिलेगा, जोखिम (risk) से जुड़ा प्रदर्शन निवेशकों के लिए इससे ज्यादा महत्त्वपूर्ण होता है। कुछ निवेशक ऐसे होते हैं, जो कम निवेश मिलने पर ज्यादा दिक्कत महसूस नहीं करते। लेकिन वे चाहते हैं कि निवेश के साथ कम जोखिम जुड़ा हो।

 

म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन को आँकने के दो रास्ते हैं—There are two ways to measure the performance of a mutual fund

शार्प रेशियो-sharpe ratio

शार्प रेशियो जोखिम के समायोजन के बाद सामने आनेवाले प्रदर्शन को मापने का रास्ता है। यह जोखिमपूर्ण एसेट (risky assets) की अतिरिक्त उथल-पुथल के लिए निवेश से मिलनेवाले अतिरिक्त रिटर्न को आँकने का काम करता है। फर्ज कीजिए कि एक्स निवेश 12 फीसदी रिटर्न देता है, जबकि दूसरा वाई निवेश 10 फीसदी मुनाफे का इंतजाम करता है। इनमें से कौन सा बेहतर प्रदर्शन करनेवाला खिलाड़ी है? 12 फीसदी का एक्स से मिलनेवाला निवेश पहली नजर में आकर्षक मालूम होता है, लेकिन आपको इन दोनों निवेशों के साथ जुड़े लाभ की गणना करना जरूरी है। मान लीजिए  कि एक्स के मामले में निवेश जोखिमपूर्ण है, वाई निवेश मुक्त मुनाफा देता है। ऐसा होने पर वाई ज्यादा बेहतर रिस्क एडजस्टेड रिटर्न देगा। एक्स से मिलने वाला रिटर्न उसके साथ जुड़े जोखिम के अनुपात में नहीं है।

शार्प रेशियो म्यूचुअल फंड (mutual fund) या पोर्टफोलियो (portfolio) से मिलनेवाले रिटर्न में जोखिम मुक्त संपत्ति से मिलनेवाले मुनाफे को घटाने और उसके बाद उसे स्कीम के स्टैंडर्ड डेविएशन से घटाने पर सामने आता है। म्यूचुअल फंड स्कीम से मिलनेवाले रिटर्न में से जोखिम-मुक्त एसेट का रिटर्न घटाने में हमें जोखिम-मुक्त एसेट की तुलना में स्कीम की ओर से बटोरा गया अतिरिक्त रिटर्न पता चलता है। इस अतिरिक्त रिटर्न को संपत्ति के स्टैंडर्ड डेविएशन से भाग कर शार्प रेशियो या उसके साथ जुड़ी अतिरिक्त उठा-पटक  के लिए अतिरिक्त रिटर्न तय किया जा सकता है। स्टैंडर्ड डेविएशन शेयर की उठा-पटक को मापता है। शेयर का रिटर्न शेयर के औसत रिटर्न से जितना अलग होगा, उसमें उतनी ज्यादा उथल-पुथल दर्ज की जाएगी। ज्यादा शार्प अनुपात रखनेवाली एसेट उसी जोखिम के साथ तुलनात्मक रूप से ज्यादा रिटर्न देने का काम करती है।

 

एम स्क्‍वेयर-m square

क्या आपका निवेश जोखिम के हिसाब से आपको रिटर्न मुहैया करा रहा है? फंड के जोखिम समायोजन के बाद सामने आनेवाले प्रदर्शन  पर गौर किए बगैर शेयर बाजार में डुबकी लगाना नासमझी करार दी जाती है। मोडिग्लियानी या एम. स्क्‍वेयर रिटर्न एक काल्पनिक रिटर्न होता है। किसी निवेशक को एक विशेष अवधि में उस वक्त मिलता है, जब फंड से जुड़े जोखिम को बेंचमार्क के साथ एडजस्ट किया जाता है। यह फंड से मिलनेवाले उस रिटर्न का अंदाजा लगाता है, जो निवेशक को बाजार इंडेक्स के बराबर जोखिम रखने की सूरत में उससे हासिल होता। हालाँकि उस वक्त नतीजे भ्रामक हो सकते हैं, अगर म्यूचुअल फंड निवेश की स्टाइल पर रणनीति बदल लेता है। इसके अलावा, फंड स्कीम से मिलनेवाला मुनाफा भविष्य में बरकरार रह पाएगा या नहीं, इस पर संदेह के बादल कायम रहते हैं। शार्प रेशियो या मोडीग्लियानी गणना निवेशकों को महत्त्वपूर्ण जानकारी मुहैया कराती है। हालाँकि अपने फैसले को अकेले फंड के प्रदर्शन पर आधारित मत बनाइए।

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