इस्‍लामिक कानूनों को मानने वाली कंपनियों के इंडेक्‍स को शरिया इंडेक्‍स कहा जाता है, इसमें निवेश की जानकारी दी जा रही है”

 

BY SUJAY SANGLE

27/01/2022, 20.35 pm

Shariah index kya hai,



Shariah index kya hai: शरिया इंडेक्‍स उन कंपनियों पर आधारित इंडेक्‍स है, जिनमें इस्‍लामिक काूनन के मुताबिक निवेश किया जाता है. अभी तक बनाए गए अधिकतर शरिया इंडेक्‍स मौजूदा या अंडरलाइंग इंडेक्‍स पर आधारित है. ऐसे इंडेक्‍स में शामिल कंपनियों की जांच एक ऐसे बोर्ड के द्वारा की जाती है, जिसे “कुरान” के सिद्धांतों की अच्‍छी जानकारी होती है…

शरिया कंपनियों की जांच कैसे होती है? How are Sharia Companies Investigated?-Shariah index kya hai

कंपनियों की जांच दो फ्रंटों पर की जाती है, पहले उस क्षेत्र के आधार पर जांच की जाती है, जिससे कंपनी जुड़ी होती है. इसके बाद कुछ ऑपरेटिंग रेशियों के आधार पर जांच की जाती है. उदाहरण के लिए किसी इंडेक्‍स में शामिल वैसी सभी कंपनियां, जिनका संबंध पोर्क, एल्‍कोहल, जुआ, वित्‍त, तंबाकू, पोर्नोग्राफी, सोने चांदी, नकदी के कारोबार से जुड़ा होता है. उन कंपनियों को शरिया इंडेक्‍स में शामिल नहीं किया जाता है. इनके अलावा विज्ञापन और मीडिया (अखबार और कछ अन्‍य मामलों को छोड़कर, जिनका विश्‍लेषण व्‍यक्तिगत आधार पर किया जाता है) क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को भी शरिया में शामिल नहीं किया जाता है. इसके अलावा जांच के दौरान किसी कंपनी को कर्ज, नकदी और ऐसी गतिविधयों से हासिल आय पर भी विचार किया जाता है, जो “कुरान” के सिद्धांतों के अनुकूल नहीं होती है. उदाहारण के लिए यदि किसी कंपनी का कर्ज उसके शेयरों के बाजार मूल्‍य के 33 फीसदी से कम है, तो उसे कुरान के सिद्धांतों के अनुकूल माना जाता है. इसके अलावा यदि किसी कंपनी की कुल आय में गैर अनुमति प्राप्‍त गतिवधियों से हासिल आय की हिस्‍सेदारी 5 फीसदी से कम है, तो उस कंपनी को शरिया इंडेक्‍स में शामिल किया जा सकता है. शरिया इंडेक्‍स में शामिल कंपनियों की संख्‍या में बढ़ोतरी की जा सकती है.

शरिया इंडेक्‍स बनाने के पीछे क्‍या कारण है?What is the reason behind creating Sharia Index?

मार्टिन ए. दोस ने इस्‍लामिक फाइनेंस पर अपने लेख में कहा है कि इस्‍लामी कानून सूदखोरी और जोखिम से बचने पर जोर देता है. इस्‍लामी कानून में धन को संपत्ति नहीं माना गया है, जिसमें धन से धन अर्जित करने के चलन को मान्‍यता नहीं दी गई है. इसका मतलब यह है कि ब्‍याज पर कर्ज मुहैया कराने को इस्‍लामिक सिद्धांतों के खिलाफ माना जाता है. जिनका वजूद निश्चित नहीं है. यहां बीमा उत्‍पादों का उदाहारण दिया जा सकता है,‍ जिसे भविष्‍य में किसी घटना की आशंका को देखते हुए खरीदा जाता है. 

क्‍या भारत में शरिया इंडेक्‍स है?Is there a Sharia Index in India?

शरिया इंडेक्‍स में भारतीय कंपनियों को पहले भी शामिल किया जाता रहा है, लेकिन भारतीय शेयर बाजार पर आधारित दो शरिया इंडेक्‍स सबसे पहले स्‍टैंडर्ड एंड पूअर्स ने फरवरी 2008 में शुरू किए थे. इनके नाम एस.एंड.पी.एन.एक्‍स. 500 शरिया और एस.एंड.पी. निफ्टी शरिया है. इन्‍हें एम.एंड.पी.सी.एन.एक्‍स. 500 और एम.एंड.पी. निफ्टी में शामिल कंपनियों की जांच के बाद तैयार किया गया है…

 

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